

भागलपुर : जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में भागलपुर के पांच आकांक्षी प्रखंडों—पीरपैंती, जगदीशपुर, सबौर, सन्हौला और सुल्तानगंज में बीते वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धि लगभग शत-प्रतिशत रही, हालांकि क्षय रोग (टीबी) के उपचार में 88 प्रतिशत सफलता प्राप्त हुई है। डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि 12 प्रतिशत मरीज एमडीआर (मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट) से ग्रसित हो गए हैं। प्रसव पूर्व (एएनसी) जांच की उपलब्धि शत-प्रतिशत रही।

आईसीडीएस विभाग के तहत कुपोषण दूर करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई, लेकिन अब भी 945 बच्चे कुपोषित हैं, जिन्हें स्वस्थ करने का प्रयास जारी है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन सभी बच्चों को शीघ्र कुपोषण मुक्त किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो आंगनबाड़ी केंद्र निजी भवनों में संचालित हैं, वहां शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की जाए।

कृषि विभाग की पीएम किसान योजना की उपलब्धि 87 प्रतिशत और किसान पोर्टल पर आधार सीडिंग की उपलब्धि 99 प्रतिशत बताई गई। इसके अलावा, सभी गांवों में भारत नेट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी आकांक्षी प्रखंडों में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की पेंटिंग एक समान डिजाइन में कराई जाए, ताकि लोगों को इस योजना की जानकारी मिल सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि सीएचओ के माध्यम से सभी स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक किया जाए।

बैठक में मुफ्त बिजली योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्वेता कुमारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।