


नवगछिया | सोनपुर डिवीजन के प्रमुख स्टेशनों में से एक कटरिया रेलवे स्टेशन पर पैदल पुल निर्माण को ले कर रेलवे अधिकारियों द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बताते चलें कि कटिहार बरौनी रेलखंड के कटरिया स्टेशन पर पैदल पुल निर्माण को ले कर वहां की जनता वर्षों से मांग कर रही है। परंतु इनकी आवाज को रेलवे अधिकारी और जनप्रतिनिधियों द्वारा हर बार दबा दिया जाता है। रेलवे प्लेटफॉर्म को पार करने के लिए लोगों को अपनी जान से खेलना पड़ता है । कई बार जब रेलवे अधिकारी और डीआरएम जांच के लिए आते हैं तो उन्हें इस समस्या के बारे में सूचित कर आवेदन भी दिया गया है लेकिन हर बार इसे टाल दिया जाता है।

18 नवंबर को शाम में सोनपुर से डीआरएम निरीक्षण के लिए आए थे परंतु न ही वो यहां रुके और न ही अब तक इस विषय पर कोई ठोस कदम उठाया गया है। रेल यात्रा के लिए रंगरा प्रखंड के सभी गांवों की 1.5 लाख से अधिक आबादी इस एक एकमात्र रेलवे स्टेशन पर निर्भर है। रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा में टेंपो स्टैंड और 8 गांव है जहां तक जाने के लिए सभी को रेल पटरी पार करना पड़ता है। स्टेशन के उत्तर में 5 गांव हैं साथ ही दोनों ओर कई शिक्षण संस्थान और विद्यालय हैं ,

जिसके कारण छोटे छोटे बच्चे रेल पटरी को पार कर के ही आते जाते हैं, जिनसे उनकी जान का खतरा बना रहता है। कुछ महीने पहले एक महिला पटरी पार करने के दौरान एक पैसेंजर के चपेट में आ गई थी। स्टेशन के दोनों ओर बड़े बड़े बाजार हैं । व्यापारिक दृष्टिकोण से भी कटरिया रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण है और कई बड़ी गाड़ियों को पकड़ने के लिए और व्यापार के लिए यहां के ग्रामीण नवगछिया जाते हैं, इस बीच भी सभी को रेल पटरियों को पार करना पड़ता है । कई बार ग्रामीणों द्वारा रेलवे प्रशासन को सूचित करने के बावजूद भी अब तक इस विषय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कटरिया रेलवे स्टेशन समीप रंगरा प्रखंड की सभी ग्रामीण, सरकार से यह अनुरोध करती है कि इस समस्या को अविलंब हल किया जाए अन्यथा ग्रामीण जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी । जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी ।
