


श्रद्धालुओं के आवागमन से एन एच 31 कुर्सेला से नवगछिया तक 15 घंटे तक लगा रहा जाम।
गंगा घाट पर साधु संतों ने किया लंगर का आयोजन।
माघ पूर्णिमा के मौके पर तिनटंगा दियारा उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मैया गंगा की पूजा अर्चना की। आस पास के करीब 8 जिलों से श्रद्धालुओं का आगमान बीते शनिवार से हीं तेज हो गया। इस बिच रविवार पूर्णिमा के दिन सुबह से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक नेशनल हाईवे 31 पर जाम की स्थिति बनी रही। भारी वाहनों के बिच से गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की गाडियां धीमी रफ्तार से कई घंटों के सफर के बाद गंगा घाट तक पहुंचते रहे।

मेले की सुरक्षा के मद्देनजर मेले में एवं गंगा घाट पर मजिस्ट्रेट के साथ साथ पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। इसके अलावे स्नान करने वालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पानी में बांस से वेरिकेटिंग और नदी में एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया था। देर शाम तक लोग मेले में डटे रहे। जबकि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालू देर रात तक मेला देखकर वापसी हो रहे थे। मेले में किसी भी प्रकार का कोइ घटना घटित होने की सूचना नहिं है। रविवार को साधु संतों के द्वारा दूरदराज से आए हुए गंगा स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर का भी व्यवस्था किया गया था। मेला देखने वाले लोग गंगा स्नान के बाद गंगा के पूर्वी छोर पर अवस्थित शिव के स्वरूप बाबा बटेश्वर नाथ मंदिर जाकर जल अर्पित कर उनका दर्शन भी किया। गंगा के उस पार जाने के लिए मेला कमेटी के निगरानी में नाव की समुचित व्यवस्था की गई थी और आवागमन के लिए भाड़ा भी निर्धारित किया गया था। वहीं मेला कमेटी के द्वारा सहायता केंद्र बनाकर लोगों की समस्याओं को दूर करने का कोशिश किया जा रहा था।

प्रशासनिक व्यवस्था के अलावे मेला कमेटी के द्वारा भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी चौक चौराहों पर मेला कमेटी के लोगों को सहायता के लिए लगा दिया गया था। बताते चलें कि तिनटंगा दियारा गंगा घाट पर मेले का आयोजन 5 दिनों तक लगा रहता है। जबकि फर्नीचर की दुकानें करीब 1 माह तक दुकानदार लगाकर रखते हैं।
वहीं दूसरी तरफ गोपालपुर प्रखंड क्षेत्र के तीनटंगा जहाज घाट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गंगा स्नान किया। वहां भी गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं से गंगा घाट खचाखच भरा हुआ था। तीनटंगा जहाज घाट पर भी पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहां पर भी मेला का आयोजन किया गया था।
