


नवगछिया – वैसे तो अब खुलेआम वेलेंटाइन डे का नाम लेने वाला भी नवगछिया में कोई न दिखा लेकिन कई लोगों ने तो यहां तक कह कि भारतीय सभ्यता में प्रेम का कोई दिन नहीं होता, इसलिये हम अंग्रेजों का त्योहार क्यों मनाएं. दूसरी तरफ पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित युवकों ने लाख बंदिशों के बावजूद इजहारे मोहब्बत कर दिया. इस बार इसके लिये सार्वजनिक स्थल खतरे से खाली न था, रेस्टोरेंट भी जोड़ों को महफूज नजर नहीं आ रहा था. ऐसे में कई प्रेमी जोड़ों ने गुपचुप तरीके मंदिरों में प्रेमिका को गुलाब भेंट किया तो दूसरी तरफ ज्यादातर युवाओं ने व्हाट्सएप पर वर्चुवल गुलाब भेज कर दी दिल को तसल्ली दे दी.
