


नवगछिया: नवगछिया अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा दाखिल ख़ारिज वाद संख्या 2843/2023-24 में पहले वंशावली के अभाव में केस ख़ारिज कर दिया गया, फिर पुनः बिना वंशावली के दाखिल ख़ारिज कर दिया गया। इस फैसले ने भूमि सुधार विभाग के स्पष्ट निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
जमीन संबंधी मामलों में पंचायती राज विभाग द्वारा सरपंच और पंचायत सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर युक्त वंशावली का निर्देश है, लेकिन इस मामले में इसे नज़रअंदाज़ किया गया है।

क्या कहते हैं सरपंच:
ढोलबज्जा ग्राम कचहरी के सरपंच सुशांत कुमार ने कहा, “नवगछिया अंचलाधिकारी द्वारा वाद संख्या 2843 में पहले वंशावली की मांग की गई थी, लेकिन बिना वंशावली दिए दाखिल ख़ारिज कर दिया गया। यह उचित नहीं है और हमारे अधिकार के साथ खिलवाड़ है। यह न्यायोचित जांच का विषय है कि वंशावली के बिना किस आधार पर दाखिल ख़ारिज किया गया। अन्य लोगों का बिना कागजात प्रस्तुत किए वाद अस्वीकृत कर दिया जाता है।”
स्थानीय निवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले में न्यायोचित जांच की मांग की है और अंचलाधिकारी के विवादित फैसले की सख्त आलोचना की है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

