


भागलपुर में पूर्व से चल रहे टोटो चालक संघ पर आरोप लगाते हुए टोटो चालक की दूसरी कमेटी ने उसे अवैध करार दिया है साथ ही उन्होंने कहा है कि टोटो वालों से 10, 20,30 रुपये तक प्रत्येक दिन लिए जाते हैं लेकिन इसका कोई लेखा-जोखा रखने वाला नहीं है अगर पहले टोटो चालक संघ के पदाधिकारी से पूछा जाता है तो उनके पास इसका कोई भी हिसाब नहीं है इसको लेकर दूसरा संघ बनाकर टोटो चालक संघ ने पहले से चल रहे टोटो चालक संघ पर अवैध रूप से वसूली को बंद करने की मांग करते हुए जिला प्रशासन से भी कई मांगे रखी . अब देखने वाली बात यह होगी कि दो गुट में बंटे टोटो चालक संघ कि यह बात कहां तक मान्य मानी जाती है और जिला प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेती है ?

