


भागलपुर: पटना के आह्वान पर मंगलवार शाम को माध्यमिक शिक्षक संघ, भागलपुर द्वारा एक विरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राज कुमार प्रसून ने की। यह केंडिल मार्च सह मशाल जुलूस माध्यमिक शिक्षक संघ भवन, भागलपुर से शुरू होकर खलीफाबाग चौक और स्टेशन चौक होते हुए आयोजित किया गया।
विरोध मार्च का मुख्य उद्देश्य बिहार सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों पर किए जा रहे दमनकारी कार्यों के खिलाफ था। शिक्षकों का आरोप था कि सरकार ने सक्षमता परीक्षा के बाद स्थानांतरण और पदस्थापन के लिए दस अनुमंडलों का चयन करने को कहा, जबकि सक्षमता परीक्षा नियमावली में इसका कोई उल्लेख नहीं है।

इसके अलावा, सरकार द्वारा 20 नवम्बर 2024 को शिक्षकों को वितरित किए गए औपबंधिक नियुक्ति पत्र के संबंध में भी गहरी नाराजगी जताई गई। इन नियुक्ति पत्रों में 16-17 वर्षों तक सेवा देने के बावजूद पूर्व सेवा को समाप्त कर नए सिरे से विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान देने की बात कही गई है। शिक्षकों का कहना है कि इस स्थिति में अधिकांश शिक्षकों का सेवा काल 10 वर्षों से कम रह गया है, जिससे उन्हें नई पेंशन स्कीम और पुरानी पेंशन स्कीम मिलने की संभावना खत्म हो जाती है।
माध्यमिक शिक्षक संघ, भागलपुर के जिलाध्यक्ष राज कुमार प्रसून ने इस विरोध में भाग लेने वाले सभी शिक्षकों को इन नियुक्ति पत्रों को न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षकों को यह नियुक्ति पत्र नहीं लेना चाहिए।
इस विरोध मार्च में अन्य शिक्षकों के साथ-साथ संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

