


पुलिस ने किया लाठीचार्ज
नवगछिया जीरो माइल में होमगार्ड अभ्यर्थियों नें किया जमकर प्रदर्शन
तकरीबन डेढ़ घंटे तक जाम रहा एनएच 31
नवगछिया जीरोमाइल एनएच 31 पर सोमवार को हजारों होमगार्ड अभ्यर्थियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब कुछ अभ्यर्थी बुलडोजर और ट्रकों की छतों पर चढ़ गए और विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटना ने नवगछिया में हलचल मचा दी और सड़क पर लंबा जाम लग गया।
प्रदर्शनकारियों का मुख्य मांग यह थी कि भागलपुर में होमगार्ड जवानों की भर्ती के लिए 666 रिक्तियां निकाली गई हैं, लेकिन नवगछिया पुलिस जिला को इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इस निर्णय से नवगछिया के अभ्यर्थियों में भारी गुस्सा था, क्योंकि वे अपनी तैयारी पूरी कर चुके थे और उन्हें इस भर्ती में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पा रहा था।

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम किया और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी बुलडोजर पर चढ़ गए, तो कई अन्य अभ्यर्थी ट्रकों की छतों पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने पहले तो प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे अपनी मांगों पर अड़े रहे, तो अधिकारियों ने बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने का प्रयास किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और एक अभ्यर्थी को थप्पड़ भी मारा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और गुस्से में आकर विरोध जारी रखा। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए प्रदर्शनकारियों का पीछा किया और एक अभ्यार्थी को हिरासत में ले लिया। इस दौरान सड़क पर भारी जाम लग गया था, जिससे यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने अंततः जाम हटवाया और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को शांतिपूर्वक स्थिति को संभालने की हिदायत दी।

प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा?
प्रदर्शनकारी होमगार्ड अभ्यर्थियों ने कहा, “हम नवगछिया पुलिस जिले को इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं। भागलपुर में 666 रिक्तियां निकाली गई हैं, लेकिन नवगछिया पुलिस जिले को इस सूची में नहीं रखा गया। यह हमारी बेरोजगारी का सवाल है और अगर हमें मौका नहीं मिलता, तो यह युवाओं का गुस्सा बढ़ेगा और इससे अपराध की संभावना भी बढ़ सकती है।”
अभ्यार्थी नें कहा कि – सरकार को युवाओं के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए और अगर उन्हें नौकरी का अवसर नहीं मिलता, तो वे अपराध की ओर बढ़ सकते हैं। अभ्यर्थियों का कहना था कि बेरोजगारी के कारण वे न केवल मानसिक रूप से परेशान हैं, बल्कि उनके पास कोई अन्य विकल्प भी नहीं है।
एसडीओ ऋतुराज प्रताप सिंह का बयान
नवगछिया के एसडीएम ऋतुराज प्रताप सिंह ने कहा, “यह प्रदर्शन एक ज्ञापन देने के लिए किया गया था। हमने उनका ज्ञापन लिया है और इस मामले को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। कुछ छोटे-छोटे घटनाएं हुईं, जिन्हें पुलिस ने संभाल लिया। हमने सभी को समझाया है कि आगे से ऐसे प्रदर्शन करने से समस्या का हल नहीं होगा। अगर उन्हें कोई और मुद्दा उठाना है, तो उन्हें पहले प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। हम उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन इस तरह के विरोध प्रदर्शन से कोई फायदा नहीं होगा।”
प्रशासन का कदम
प्रशासन ने स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित कर लिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे भविष्य में भी आंदोलन जारी रखेंगे। फिलहाल पुलिस ने जाम को हटा दिया और प्रदर्शनकारियों को हिदायत दी कि भविष्य में वे अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए प्रशासन से संपर्क करें।
नवगछिया पुलिस जिला में होमगार्ड की भर्ती में शामिल नहीं किए जाने के कारण अभ्यर्थियों का गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन की धमकी दे रहे हैं।