


मौके पर पहुंची चार थाने की पुलिस, कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू
भागलपुर के लालूचक भट्टा क्षेत्र में चैती छठ पूजा के सायंकालीन अर्घ्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। जब लोग छठ पूजा के आरती में जुटे थे, उसी समय एक दीपक की लपटों ने एक घर को पूरी तरह से आग की चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन पर काबू पाना कठिन हो गया और देखते ही देखते पूरा घर जलकर राख हो गया। घर का कोई भी समान नहीं बचा। यह घटना भागलपुर के लालूचक भट्टा इलाके में घटी।

कैसे हुई घटना:
घटना का शिकार हुए रवि शर्मा (लगभग 70 वर्ष) और शीला शर्मा (लगभग 65 वर्ष) अकेले रहते थे। रवि शर्मा आंखों से अंधे थे, जबकि शीला शर्मा वृद्ध थीं। दोनों का कोई बेटा या बेटी उनके पास नहीं रहता था। बेटा उदय शर्मा पूर्णिया में अपने परिवार के साथ और बेटी बेबी शर्मा पुणे में शादी के बाद रह रही थी। दोनों वृद्ध मां-बाप का गुजर बसर गांववालों की मदद से होता था।

चैती छठ के सायंकालीन अर्घ्य के समय शीला शर्मा घर में दीपक जलाकर पड़ोस के घर अर्घ्य देने गई थीं। जब वह वापस आईं, तो देखा कि उनका घर जलकर राख हो चुका था। गांव वालों ने किसी तरह रवि शर्मा को घर से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले थोड़ा धुआं उठा और फिर एक जोरदार आवाज आई, जिसके बाद ग्रामीणों ने देखा कि घर में आग लग चुकी थी।
ग्रामीणों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद 112 नंबर पर कॉल किया गया और पुलिस को सूचित किया गया। घटनास्थल पर लोदीपुर, मुजाहिदपुर, कोतवाली और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, जिन्होंने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। आग के कारण घर का नगद पैसा, मोबाइल और अन्य घरेलू सामान सब जलकर खाक हो गए थे।
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घर के भीतर दो रसोई गैस सिलेंडर रखे हुए थे। ग्रामीणों ने किसी तरह इन सिलेंडरों को हटा दिया, वरना आग और भी भयानक रूप ले सकती थी।
अभी स्थिति यह है कि रवि शर्मा और शीला शर्मा पड़ोस के घर में शरण लिए हुए हैं, और देखना होगा कि उनका बेटा और बेटी कब अपने परिजनों से मिलने आते हैं।
