

नवगछिया प्रखंड के कोसी पार ढोलबज्जा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर मानदेय वृद्धि सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर ढोलबज्जा, खैरपुर कदवा और कदवा दियारा पंचायत की आशा कार्यकर्ताओं ने आशा फैसिलिटेटर बबीता कुमारी के नेतृत्व में जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। अस्पताल के ओपीडी सेवा में भी अफरातफरी का माहौल व्याप्त रहा। ढोलबज्जा अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं ने अपने दोनों हाथों में मेंहदी रचित नारा भी लिखा था। जिसमें लिखा था हमसे जो टकराएगा चूर-चूर हो जाएगा। एक हजार में दम नहीं, दस हजार से कम नहीं। दिल्ली पटना खोलो कान, नहीं तो होगा चक्का जाम। नीतीश-तेजस्वी हाय-हाय। धमकी देना बंद करो, जेल जाएंगे देख लेंगे। आपकी आशा कैसी है, लक्ष्मी भाई जैसी है। प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि सभी ने हाथों में मेंहदी रचाकर कुंभकर्णी सरकार को नींद से जागना चाहते हैं। कोरोना काल में प्रधानमंत्री के आह्वान पर थाली बजाने का काम किया था। थाली बजाने का मुख्य उद्देश्य कोरोना को भगाना था। इस बार हम लोग के द्वारा थाली बजाकर गूंगी बहरी बनी बैठी राज्य सरकार को जगाना है। अगर हमलोगों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि मात्र एक हजार के अल्प मानदेय पर इस महंगाई में कैसे कार्य किया जाएगा। यह सोचने वाली बात है। जबकि हमलोगों के द्वारा लगातार कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। राज्य सरकार से आग्रह है कि आशा को कम-से-कम दस हजार के मानदेय के साथ हमलोगों की सारी मांगें पूरी की जाए।
प्रदर्शन करने वालों में आशा फैसिलिटेटर बबीता कुमारी, आशा कार्यकर्ता बबली कुमारी, किरण कुमारी, मुन्नी कुमारी, मीना कुमारी, सृजन कुमारी, सोनी कुमारी, प्रियंका कुमारी, ममता कुमारी, रेणु कुमारी, विमला कुमारी, रेखा कुमारी, सुधा कुमारी, चांदनी कुमारी, शांति कुमारी, झूमलता कुमारी, कल्पना कुमारी, कृष्णा भारती सहित कई आशा कार्यकर्ता मौजूद थी।