आगामी पंचायत चुनाव 2021 को लेकर विभिन्न प्रखंड के विभिन्न पदों के उम्मीदवारों के द्वारा पंचायत के चुनावी मैदान में उतरकर तैयारी जोर-शोर से शुरू कर दी है। चुनावी समर में भावी उम्मीदवार अपने को औरों से बेहतर और मजबूत दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहें हैं। राजनीतीक शतरंज के बिसात पर सभी उम्मीदवार अपना मोहरा सटीक बैठना चाह रहा है। परन्तु इस बार मतदाता बहुत हीं ज्यादा चौकन्ना हो गया है। वो भी उम्मीदवारों की तरह अपना रंग ढंग बदल रहें हैं।
चौक चौराहों पर और जहां कहीं भी चार लोग एकत्रित नजर आते हैं पंचायत चुनाव की ही चर्चा करते नजर आ रहे हैं। गाँव की सियासत को लेकर लोगों के बीच सरगर्मी काफ़ी तेज गई है। सभी अपनी जीत पक्की बता रहें है। जीत पक्की हो सके और क्षेत्र के मतदाताओं के बीच यह हवा बन सके कि जीत इसी उम्मीदवार की पक्की है, इसके लिए उम्मीदवार सोशल मिडिया पर अपनी पूरी ताकत झोंक रहें हैं।
फेसबुक, टि्वटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब, पब्लिक एप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार ही अपनी उम्मीदवारी पेश कर अपने आप को समाजसेवी, शिक्षित, ईमानदार, कर्मठ और जुझारू नेता के रूप में अपने आप को प्रस्तुत कर रहे हैं। कुछ तो ऐसे भी नेता है जो अपने आप को गांव का और क्षेत्र का सच्चा बेटा और सच्ची बहू के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। अपने अपने हिसाब से विभिन्न मोबाइल ऐप के सहारे अपने नाम का पोस्टर तैयार कर मनचाहा स्लोगन बनाकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर रहे हैं। नए उम्मीदवारों को तो ऐसा लगता है कि वह बेदाग है।
जबकि जो एक बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं अधिकांश ऐसे उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव क्या सबक सिखाएगी यह तो भविष्य के कोख में छुपा हुआ है। एक तरफ जो नए उम्मीदवार वर्तमान जनप्रतिनिधि के कार्यों की समीक्षा जनता के सामने कर उन्हें बायकाट करने की बात कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नए उम्मीदवार अपने आप को बिल्कुल ही साफ-सुथरे छवि का और जनता का सच्चा सेवक बताकर पूरी उम्र सेवा करने की बात कर रहे हैं। बहरहाल सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में जनता को रिझाने में लगे हुए हैं। सभी वह हर हथकंडा अपना लेना चाहते हैं जिससे उसकी जीत सौ फीसदी पक्की हो सके।