


नवगछिया: अंग क्षेत्र के प्रसिद्ध कौशल्या मेला में बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां कौशल्या की पूजा-अर्चना और हवन संपन्न हुआ। कोशिका नाट्य कला परिषद की ओर से आयोजित इस आयोजन का मुख्य आकर्षण महादंगल का फाइनल मुकाबला रहा।

खेल के दौरान पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच आजमाए। कटिहार के राजन और नवगछिया के रंजीत संयुक्त विजेता बने, जबकि छोटू पहलवान ने भी खिताब अपने नाम किया। शाम को महाआरती के बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
रात में श्रद्धालुओं ने मां कौशल्या की प्रतिमा को नम आंखों से स्थानीय नदी में विसर्जित किया। इसके साथ ही तीन दिवसीय मेले का समापन हुआ।

आस्था और कुश्ती का संगम
मेला कमेटी के अशोक यादव और शुभम यादव ने कहा कि कुश्ती से न केवल स्मरणशक्ति और एकाग्रता में सुधार होता है, बल्कि समस्या-समाधान कौशल भी विकसित होता है। प्रो. शिव कुमार ने बताया कि मां कौशल्या का पूजन कई वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित किया जाता रहा है। बाढ़ और कटाव के बावजूद लोगों की आस्था अटूट बनी हुई है।
इस अवसर पर संरक्षक अशोक यादव, शुभम यादव, प्रो. शिव कुमार, भूदेव यादव, मुखिया प्रतिनिधि दिवाकर सिंह, विनोद सिंह, प्रवीण यादव, विकास यादव, प्रमोद यादव, छेदी यादव और वीरेंद्र गुरु भाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई।

