


नवगछिया । दुर्गा संस्कृत उच्च विद्यालय भ्रमरपुर नारायणपुर के शताब्दी वर्ष पर ठाकुरबाड़ी मैदान में चल रहे भागवत कथा का समापन सोमवार को गया। इस पूरे धार्मिक कार्यक्रम का संयोजन प्रसिद्ध भजन गायक डॉ हिमांशु मोहन मिश्र दीपक जी ने किया था। वृंदावन के आए प्रख्यात विद्वान संत डॉ राम कृपाल त्रिपाठी गुरुजी ने भागवत कथा को इतने सहज और सरल ढंग से सुनाया कि वहां आए हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के दौरान उन्होंने सामान्य लोगों के जीवन से जुड़े कई ऐसे उदाहरण दिए, जो कथा को और ही ज्यादा समृद्ध बना दिया। इस दौरान जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज भी पहुंचे थे। विश्राम दिवस के दिन कथा सुनाते हुए डॉ त्रिपाठी ने भगवान कृष्ण और रुक्मणी के विवाह प्रसंग को सुनाया। कथा सुनाते हुए कहा कि प्रत्येक हिंदू को चोटी रखना चाहिए और तिलक लगाना चाहिए।

बलराम के कहने पर कृष्ण ने तिलक लगाया था। प्रत्येक दिन स्नान करके चोटी बांधकर और तिलक लगाएं, इससे भगवान प्रसन्न होते हैं। इससे पहले श्री दीपक ने रासलीला भजन गाए। भजन गायक राम दास ने भी कई भजनों को गाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अरविन्द कुमार झा ने किया। इस दौरान दुर्गा संस्कृत उच्च विद्यालय के पूर्व प्राचार्य शशिकांत झा, प्राचार्य नवीन कुमार झा, विपिन चंद्र मिश्र, शंभु गोस्वामी, दिलीप शास्त्री, गीतकार राजकुमार, सुनील कुमार झा, पंडित ज्योतिन्द्रानाथ महाराज, डॉ मिहिर मोहन मिश्र सुमन जी आदि ने कथा वाचक को सम्मनित किया। इस दौरान सुधांशु मोहन मिश्र, आलोक, संजय, नायक, महेश आदि वहां सक्रिय रूप से व्यवस्था संभाल रहे थे। इस आयोजन में स्थानीय लोगों ने अलावा काफी दूर-दराज से आए हजारों लोग शामिल हुए।
