


नवगछिया के अधिवक्ता जिला जज भागलपुर से मिल कर मांगों का ज्ञापन सौंपा. जिला जज को बताया कि 1979 में नवगछिया व्यवहार न्यायालय की स्थापना हुई है. तब से आज तक आवश्यकतानुसार यहां विभिन्न कोर्ट की स्थापना आम लोगों की सुविधा के लिए किया गया, जिससे लोगों को काफी सुविधा हुई. आमजन को भागलपुर जिला न्यायालय के बजाय नवगछिया ही न्याय मिल रहा है. कुछ विशेष न्यायालय एक्साइज कोर्ट, पास्को कोर्ट, एसी/एसटी कोर्ट, नवगछिया व्यवहार न्यायालय में नहीं रहने से यहां के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. यहां के लोगों को भागलपुर जिला न्यायालय जाना पड़ता है.

भागलपुर जाने में हमेशा पुल पर जाम लगा रहता है, जिससे भागलपुर पहुंचने में विलंब होता है. इस कारण न्यायिक प्रक्रिया में बाधा होती है. नवगछिया पुलिस जिला है. काफी आबादी दियारा क्षेत्र में निवास करती है. लोगों को आवागमन की समस्या होती है. एक्साइज कोर्ट, एससी/ एसटी कोर्ट, पोक्सो एक्ट के काफी संख्या में मुकदमा होते हैं, जिसकी सुनवाई भागलपुर कोर्ट में होती है. मौके पर अधिवक्ता अजीत कुमार, दीपेंद्र कुमार सिन्हा, संजीव भारद्वाज, चंद्रभानु सिंह, मनोज चौधरी, अमित कुमार यादव, नंदलाल यादव, गौतम सिंह, राजकिशोर पोद्दार मौजूद थे. जिला जज ने इन समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया है.

