

सधुआ स्थित घर पर शव पहुंचते ही परिजनों के बीच मचा कोहराम
बहन को कहा था खिर बनाकर रखना,अब फिर कभी नहीं लौटूंगा
नवगछिया : कटिहार के डीएसपी के बॉडीगार्ड के द्वारा अपनी सर्विस रिवाल्वर से आत्महत्या कर लिया गया। अत्महत्या करने वाले बॉडीगार्ड रंगरा थाना क्षेत्र के सधुआ गांव के मूल निवासी थे। कटिहार में पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक घर पर शव पहुंचते ही घर में परिजनों के बीच कोहराम मच गया है।
मृतक दीपक की मां, पिता जगदंबी सिंह, पत्नी मंजू सहित परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है । घटना के बाद सधुआ गांव स्थित पूरे टोले का माहौल गमगीन हो गया है । पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक दीपक ने वर्ष 2007 में बीएमपी ज्वाइन किया था और हाल के कुछ समय से कटिहार डीएसपी के बॉडीगार्ड के रूप में तैनात थे ।वह दो भाइयों में सबसे छोटे थे और बड़ा भाई भी बीएमपी में कार्यरत हैं ।मृतक दीपक को 18 वर्ष की पुत्री आकांक्षा, 6 वर्ष की जहांन्वी एवं 5 वर्ष का एक पुत्र जितिन कुमार है ।पिता जगदंबी सिंह ने बताया कि दीपक अपने परिवार के साथ कटिहार में ही रहते थे ।दशहरा के मौके पर छुट्टी में अपनी पत्नी एवं बच्चों सहित घर आए थे ।पत्नी एवं बच्चों को घर पर छोड़कर ही बीते सोमवार की शाम में वे सधुआ स्थित अपने घर से ड्यूटी के लिए कटिहार निकल गए थे और रास्ते में बखरी स्थित अपने बहन के घर जाकर खाना भी खाया था ।इसके बाद वह सीधे कटिहार निकल गए थे ।अपने बहन को उन्होंने फोन कर खीर और पूरी बनाने के लिए कहा था ।जब वह अपने बहन के यहां से कटिहार के लिए निकल रहे थे तो उसने बहन को बताया कि अब वह कभी वापस नहीं लौटेगा। मगर बहन ने इसे मजाक के रूप में ले लिया। वही ग्रामीणों ने बताया कि दीपक शुरू से ही चिड़चिड़ा मिजाज का था ।गांव आने पर किसी ने किसी से बात-बात में भी विवाद करते रहता था ।वही बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान भी उसे अपने सहकर्मियों से नहीं पटता था।
