


गांव में पहुंचा शव तो दहाड़ पड़े परिजन, गाँव में मातम का माहौल
दोनों युवक के पिता का हो चुका है देहांत, करण के पिता 6 वर्ष पूर्व तो शुभम के पिता की छह माह पूर्व हुआ है निधन
भवानीपुर में कर्फ्यू जैसा माहौल, लगभग घरों के दरवाजे बंद, दोनों के घरों सहित आसपास नहीं जला चूल्हा
नवगछिया : भागलपुर के मायागंज अस्पताल से शुक्रवार को शुभम झा और करण पोद्दार के शवों का पोस्टमार्टम कर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। शवों को सुबह 10 बजे गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों के परिजनों ने शवों का तिनटगा करारी गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान पुलिस बल भी वहां मौजूद थी । करण के भाई रितिक ने मुखाग्नि दी, जबकि शुभम के चाचा शंकर मिश्रा ने मुखाग्नि दी।

परिजनों के लिए यह दुखद घड़ी थी। जहां एक ओर करण की मां और पत्नी अपने पति का शव देखकर अचेत हो कर गिर रही थीं, वहीं शुभम की मां हेमलता देवी भी अपने इकलौते बेटे का शव देखकर पूरी तरह टूट चुकी थीं। हेमलता देवी, जो गाँव के ही आंगनबाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत हैं, के लिए यह दुख और भी गहरा था, क्योंकि कुछ माह पहले ही उनके पति का भी निधन हुआ था।
हेमलता देवी के लिए यह दुख किसी आघात से कम नहीं था, क्योंकि शुभम उनके तीन बहनों का इकलौता भाई था और वह अपने बेटे को बहुत प्यार से पढ़ा रही थीं। शुभम, जो सिर्फ 14 साल का था, नवगछिया हाई स्कूल से दसवीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन, दुर्भाग्यवश, गलत संगत के कारण उसे यह दुखद घटना झेलनी पड़ी।

शुभम और करण की हत्या के पीछे की वजह: जमीन, रुपया और नशा
शुभम मिश्रा एक अच्छे परिवार से था और उसके पास कुछ जमीन भी थी। उसके पिता का हाल ही में निधन हुआ था, और उसके बाद वह अपने पिता की जमीन बेचने का प्रयास कर रहा था। इसके लिए उसने कुछ रुपया भी उधार लिया था। लेकिन रुपया और नशे की आदत के कारण घर में अक्सर विवाद होते रहते थे।
शुभम को कुछ लोगों ने उधारी के रुपयों के बदले परेशान किया था, और इसी कारण घर में रोजाना किसी न किसी मुद्दे पर झगड़े होते रहते थे। यह विवाद इस हद तक बढ़ गया कि देर रात काली मंदिर के पास करण पोद्दार के साथ उनका झगड़ा हुआ, और इस विवाद का अंजाम यह भयावह घटना हुआ।
करण के भाई के बयान पर हत्या का मामला दर्ज
शुभम और करण पोद्दार की हत्या के मामले में पुलिस ने करण के भाई रितिक के बयान के आधार पर तीन नामजद व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। रितिक ने अपने बयान में बताया कि शुभम और करण के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मुंशी यादव, प्रीतम यादव और सोनू झा ने मारपीट की थी। इस मारपीट में शुभम के सीने पर गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें शुभम और करण दोनों की हत्या हो गई।
नवगछिया पुलिस की सक्रियता और जांच जारी
नवगछिया एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की है और मामले की त्वरित जांच शुरू कर दी है। एसपी ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। वहीं, घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है और गुटिया संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पैट्रोलिंग भी तेज कर दी है।
इस घटना ने गांव में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, और लोग यह जानने के लिए चिंतित हैं कि आखिरकार इस दोहरी हत्याकांड के पीछे क्या कारण रहे। गांववाले अब शांतिपूर्ण माहौल की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि फिर से उनके घरों में शांति और सौहार्दपूर्ण संबंधों की स्थिति बहाल हो सके।
