


- जल कर राख हो गया चालक, बरामद हुए कंकाल के अवशेष
- दो बजे से पांच बजे सुबह तक धमाकों से दहलता रहा नारायणपुर और आसपास का इलाका
- चार दमकलों की मदद से किया गया आग पर काबू
- महज 100 मीटर दूर था पेट्रोल पंप, कर्मियों ने भाग कर बचायी जान, टली बड़ी घटना
नारायणपुर – भवानीपुर ओपी थाना क्षेत्र के नारायणपुर पेट्रोल पंप के पास एनएच 31 पर बुधवार की बीती रात भागलपुर से खगड़िया की ओर जा रही रसोई गैस लदे एक दस चक्का ट्रक में भीषण आग लग गयी. जिसके बाद ट्रक पर लोड 450 रसोई सिलेंडर एक – एक कर तीन घंटे तक लगातार ब्लास्ट करते रहे. घटना में चालक के चीथरे उड़ गए. बुधवार की सुबह घटना स्थल से कंकाल के अवशेषों को बरामद किया गया. जबकि इस धमाके में ट्रक की सिर्फ आधारभूत संरचना की बच सकी. घटना स्थल के आस पास फतुली यादव, अनीक यादव और नेपाली यादव का लाइन हॉटल भी जल कर राख हो गया है. हॉटल के कर्मियों ने भाग कर जान बचायी. जबकि धमाके के बाद ट्रक और सिलेंडर का मलवा 500 मीटर दूर तक फैल गया था. घटना स्थल से सौ मीटर दूर भगवान पेट्रोल पंप के कर्मियों ने भाग कर जान बचायी, गनीमत थी पेट्रोल पंप आग की लपटों से पूरी तरह सुरक्षित रहा. ट्रक के चालक की पहचान मुंगेर जिले के शंकरपुर गांव निवासी छतरी यादव के पुत्र मंटू यादव (38 वर्ष) के रूप में की गयी है.

पुलिस ने मंटू के शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिये नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया, जहां से अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिये भागलपुर भेजा गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात दो बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक किसी को भी घटना स्थल के पास जाने की हिम्मत नहीं थी. दस किलोमीटर दूर से ही धमाके देखे सुने जा रहे थे. नारायणपुर थानाध्यक्ष रमेश कुमार की सूचना पर मौके पर पहुंचे अग्निशमन के चार दस्तों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इस हादसे का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पा रहा है. आशंका है कि सिलेंडर के आपस में टकराव होने से आग लगी होगी. थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि रात्रि में गश्ती दल के द्वारा घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया. मामले की प्राथमिकी भवानीपुर ओपी थाने में दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है.

मंटू की दर्दनाक मौत पर बदहवास थे परिजन
अल सुबह घटना की सूचना मिलते ही मृतक मंटू के परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए थे. मंटू की दर्दनाक मौत हो जाने के बाद परिजन बदहवास थे. सबसे पहले घटना स्थल पर संबंध की एक महिला पहुंची थी. वह अवशेषों को एक टक देखे जा रही थी. मृतक के पिता छतरी यादव ने कहा कि बेटा शुरू से ही ड्राइविंग का काम करता था. भारत गैस का सिलेंडर भागलपुर से बखरी बेगुसराय जाने वाला था. मंटू के सहकर्मियों से घटना की सूचना मिली. इधर अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. मृतक अपने पीछे पत्नी और चार पुत्री और दो पुत्र को छोड़कर चले गये.
