

नवगछिया जिले के रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव में गुरुवार रात एक आपसी विवाद के चलते गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।

मिली जानकारी के अनुसार रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर के काली मंदिर के पास देर रात दो युवक, सोनू कुमार उर्फ शुभम झा और करण पोद्दार, आपसी विवाद के चलते एक-दूसरे से भिड़ गए। दोनों के बीच पहले गाली-गालौज और फिर गोलीबारी शुरू हो गई। गोली करण पोद्दार को सीने और सिर में लगी, जबकि शुभम झा को भी सीने में गोली लगी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल युवकों को पहले अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया। स्थिति गंभीर होने पर दोनों को भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना जमीन के एक विवाद को लेकर बताई जा रही है। पिछले कई महीनों से करण और शुभम के बीच भूमि की रजिस्ट्री को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि शुभम ने करण से जमीन खरीदी थी, लेकिन रुपये देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी, जिसके कारण दोनों के बीच तनाव था। इसी विवाद ने बढ़ते-बढ़ते गोलीबारी का रूप ले लिया।

इसके अलावा, कुछ लोग इस घटना के पीछे स्मैक के कारोबार को भी संदिग्ध मान रहे हैं, क्योंकि भवानीपुर गांव में युवा वर्ग में स्मैक का नशा तेजी से फैल रहा है और इससे जुड़ी अपराध गतिविधियां बढ़ रही हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर नवगछिया के एसपी प्रेरणा कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश और अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, लेकिन हत्या के कारणों के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
घटना के बाद भवानीपुर गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

नवगछिया जिले में हाल ही में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती खड़ी हो गई है। भवानीपुर में हुए इस दोहरी हत्या ने गांव के इतिहास में एक और काली छाया डाल दी है, जहां पहले भी कई हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं।
यह घटना केवल दो युवकों की मौत तक सीमित नहीं रही, बल्कि गांव के सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने पर भी असर डाल सकती है। शुभम झा के परिवार में उनकी मां और तीन बहनें हैं, जबकि करण पोद्दार के परिवार में उनके माता-पिता और अन्य रिश्तेदार हैं। दोनों परिवारों में इस दुखद घटना के बाद मातम का माहौल है।
इस घटना ने भवानीपुर के नाम को फिर से हत्या और अपराध की गवाह बना दिया है, जिससे गांव की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को सुलझाने और मामले के मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार करने की दिशा में अपनी जांच तेज कर दी है।
