


नवगछिया में गरूड़ की मौत के पश्चात कौआ की मौत का सिलसिला जारी है. नवगछिया अनुमंडल परिसर में यत्र तत्र आधा दर्जन से अधिक कौआ का शव देखा गया है. नवगछिया में गरूड़ की मौत का मामला थमा नहीं हैं कि कौआ के मौत लगातार हो रही है. कचहरी परिसर के दुकानदार कहते हैं पिछले दो दिनों से अनुमंडल परिसर में आधा दर्जन लगभग कौआ का शव देखा गया है. ज्ञातव्य हो कि खरनई नदी में जहरीला पादार्थ खाने से गरूड़ की मौत हो गई थी. गरूड़ के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके शरीर के कुछ भाग को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है. अभी रिपोर्ट आना बांकी है. वहीं कौआ की मौत को लेकर लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे है. कुछ लोगों का कहना हैं गरूड़ की मौत के बाद कौआ का मरना कहीं वर्ड फ्लू के लक्षण तो नहीं है. वहीं कुछ लोगों का कहना हैं कि खरनई धार में पानी जहरीला हो गया है. जिसके पिने से कौआ व गरूड़ मर रहे हैं.

पक्षी विशेषज्ञ ज्ञानचंद ज्ञानी कहते हैं कि कौआ की लगातार मौत चिंता का विषय है. मानव के द्वारा जो जहरीला कचरा फेका जाता है उसे खाकर पक्षी की मौत हो रही है. कौआ हमारे सफाई कर्मी हैं. वहीं मानव के द्वारा विषाक्त भोजन फेक देते हैं. जिसे कौआ खाकर मर रहे है.
फोरेस्टर पृथ्वी नाथ सिंह ने बताया कि कौआ वाइल्ड एक्ट में नहीं आता है. कौआ की मौत क्यों हो रही इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है.

