

नवगछिया- राजद की ओर से जिला प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी विश्वास झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि 28 फरवरी को भाजपा नेता मो. नईम एवं बजरंग दल के शुभम कुमार व शैलेंद्र कुमार के बीच मारपीट हुई थी। इसमें राजद के जिला सचिव विभूति भूषण का कोई रोल ही नहीं था। जिस दिन घटना हुई उस दिन विभूति घर के सदस्यों के साथ भागलपुर में डॉक्टर के यहां गए हुए थे। प्रशासन चाहे तो नवगछिया या भागलपुर में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर यह स्पष्ट कर ले कि विभूति घटनास्थल पर मौजूद थे या नहीं। प्रशासन लोकेशन ट्रेस कर के भी पता करे कि विभूति भागलपुर में थे कि नहीं।

राजद को बदनाम करने की साजिश के तहत विभूति को नामजद कर आरोपित बनाया गया है, जो कि बिल्कुल गलत है। लड़ाई भाजपा नेता नईम व बजरंग दल के शुभम के बीच हुई है। जिसमें खामख्वाह राजद को बदनाम करने की नीति से विभूति को घसीटा जा रहा है।

श्री झा ने प्रशासन से मांग किया है कि इस घटना की तफ्तीश में तेजी लाया जाए दोषी पर कार्यवाही करते हुए बेगुनाह विभूति को प्रशासन क्लीन चिट दे। यदि वक्त रहते प्रशासन के द्वारा चोरी की घटना का उद्भेदन कर दिया जाता तो ये दो परिवार आपस में कभी लड़ते ही नहीं। इतनी बड़ी चोरी की घटना हुई लेकिन पुलिस फुटेज के आधार पर भी अबतक चोरों को पकड़ने में नाकामयाब रही, ये तो हास्यास्पद है।

वहीं जिलाध्यक्ष अलख निरंजन पासवान ने भी कहा कि विभूति निर्दोष है। उन्हें गलत तरीके से फसाया जा रहा है। जबकि उनका इस घटना से कोई तालमेल नहीं है। रही बात 26 फरवरी की तो शुभम के द्वारा शक के आधार पर दो किशोरों को पकड़ा गया था। जिसे चोर समझा जा रहा था, लेकिन जैसे ही उन दोनों ने खुद को भाजपा नेता नईम का भतीजा बताया तो उसे विभूति ने ईलाज कराने के लिए भी सहयोग दिया। उस दिन भी विभूति ने उन दोनों के साथ कोई मारपीट नहीं किया था। जिसे बाद में दोनों ने मिलकर आपस में सुलझा लिया था।

