


नारायणपुर – जवाहर नवोदय विद्यालय नगड़पारा में रविवार को सुबह 11 से 01.30 दोपहर के बीच आभासी पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन गूगल मीट के द्वारा पूर्णतः सफल रहा.छात्र सम्मेलन का शुभारंभ प्राचार्य रौशन लाल के द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति में द्विप प्रज्वलित कर किया गया.

मौके पर प्राचार्य रौशन लाल ने पूर्ववर्ती छात्रों का अभिनंदन करते हुए कोविड से सुरक्षित रहने की सलाह दिए.उन्होंने कहा नवोदय एक परिवार है जहाँ मिलजुल कर हर समस्याओं का समयबद्ध समाधान ढूंढना है.पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र प्रभारी अजीत कुमार कर रहे थे.वहीं अजीत कुमार ने कहा कि हारा वही, जो लड़ा नही” ‘वो ऊँचाई किस काम का जहां से अपने दिखाए न दे’.मौके पर श्री कुमार ने जोर दे कर कहा सपनों को जीना सीखिए और अपने अंदर के सुपर पावर को जागृत कीजिये सुनहरा भविष्य आपको सामने दिखेगा.सवर्प्रथम सभी शिक्षको एवं पूर्ववर्ती छात्र परिचय से रु ब रु हुए।

विद्यालय के भाषा ज्ञान के वरीय शिक्षक मृदुभाशी आशुतोष दुबे एवं आर एन ठाकुर ने उधेश्य के प्रति अग्रसर रहते हुए सहयोगी बने रहने की गूढ़ शिक्षा दी.पूर्ववर्ती छात्र अमित,अमृतेश एवं राजहंस राज ने अपने गीत संगीत से मंत्र मुग्ध कर दिया.डॉ रामाशेखर ,श्री कृष्ण कुमार ,अरविंद कुमार अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मौजूदा अध्ययनरत छात्र छात्राओं को पूर्ण सहयोग देने का आश्वाशन दिया.एन आई टी छात्र आयुष,रतन एवं केशव ने बच्चों को हर संभव समस्याओं के पहले समाधान का विकल्प उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा किए.एनफोर्समेंट ऑफिसर श्री अरविन्द कुमार एवं एस बी आई मैनेजर श्री गौतम पटेल ने कक्षा एकादश और द्वादश के छात्र मौजूदा समय मे तैयारी कैसे करें इससे संबंधित छोटे छोटे टिप्स से भी रूबरू कराएं पूरे सम्मेलन में द्वादश के सभी बच्चे जुड़े रहे.

इसी बीच विद्यालय के ज्ञानशील ऊर्जावान कम उम्र के योग्य शिक्षक श्री आशुतोष दुबे ने आगे बढ़ने की सीख देते हुए हर कार्य को लगन से करने पर बल दिया।दक्षणा फॉउंफशन की छात्रा कोमल विद्यालय और विद्यालय के शिक्षकों की आदर्शता को नही भूल पा रही है.विद्यालय में बहुआयामी शब्दों के जादूगर श्री एस के झा ने तरक्की के मंत्र का संदेश देते हुए गीत संगीत से पूरे सम्मेलन को मनभावन बना दिये।

पूर्ववर्ती छात्र श्री रोहित कुमार जो सुंदरगढ़ जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षक के रूप में योगदान दिए है ,सभी ने अपनी शुभकामनाओं से शुशोभित किये।पूरे सम्मेलन को सफल बनाने में श्री डी के सिंहजी, राजवीर सिंहजी, पशुपतिनाथजी,लखपतीजी, ब्रजेशजी एवं श्रीमती एंजेला कुजूर ,सरिता कुमारी,अंजलि दोरई आदि लोगों का सहयोग सराहनीय रहा.पूर्ववर्ती छात्रों में मंजित,अजित,सानु,सौरभ, रविशंकर,आशीष, नंदन, दिव्या आदि ने भी जागरूकता परक कई सुझाव दिए.अंत में प्राचार्य ने विजुअल्ली विद्यालय का भर्मण कराते हुए अपने आशीर्वचनों से सम्मेलन का सफलीभूत समापन किये.
