


घर टूटने से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुए लोग
भागलपुर जिले के सनहौला प्रखंड स्थित धुआवै पंचायत में बिहार सरकार की जमीन पर बने एक दर्जन से अधिक मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। काली मंदिर परिसर में स्थित इस जमीन पर पिछले 50 वर्षों से संजय यादव, पिंटू यादव, अरविंद यादव, बिलास यादव, नागेश्वर यादव, भोठी यादव, शंभू यादव, हरि यादव, कैशे यादव, गौतम यादव, बासु यादव, उदय यादव, बिनय यादव और भोपाल यादव सहित कई परिवार बसे हुए थे।
पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए प्रशासन ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की। जिला प्रशासन ने तीन महीने पहले ही नोटिस जारी कर लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया था, लेकिन आदेश का पालन नहीं होने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई।

कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जिला से दंगा नियंत्रण टीम के अलावा आमडंडा, सनहौला, कहलगांव और सनोखर थाने की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। इसी दौरान एक युवक ने दंगा नियंत्रण टीम पर ईंट फेंक दी, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
घर उजड़ने के बाद बेघर हुए परिवार
मकान टूटने से 16 परिवार बेघर हो गए। लोग अब खुले आसमान के नीचे अपने मवेशियों के साथ रहने को मजबूर हैं। छोटे-छोटे बच्चे बिना छत के दिन गुजार रहे हैं, जबकि कई परिवारों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला। अनाज और जरूरी सामान बिखर जाने से लोगों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो गई है।
इस दौरान कई महिलाएं अपने घर टूटते देख रो-रोकर बेहोश हो गईं। लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत मुखिया का घर भी सरकारी जमीन पर बना है, लेकिन उसे खाली नहीं कराया गया। कार्रवाई के दौरान बीपीआरओ कुणाल कुमार, अंचलाधिकारी रजनीश चंद्र राय, अंचल अमीन नीतू कुमारी, राजस्व कर्मचारी और सनोखर थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
