5
(2)

भागलपुर: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन कर रहे लगभग 50 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की हालत गंभीर हो गई है। कई छात्र-छात्राओं को इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ये छात्र-छात्राएँ अपने प्रोफेसर, डॉक्टर दिव्यानंद देव के तबादले के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं और उनकी मांग है कि प्रोफेसर साहब का तबादला निरस्त कर उन्हें वापस हिंदी विभाग में बुलाया जाए। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने अन्न और जल का त्याग कर दिया है।

दरअसल, 31 जनवरी को विभाग में प्रोफेसर दिव्यानंद देव के जन्मदिन के मौके पर छात्रों के दबाव में कृत्रिम तलवार से केक काटने और डांस करते हुए कुछ वीडियो वायरल हुए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने जांच कमेटी गठित की और उसकी रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर का तबादला नारायणपुर कॉलेज कर दिया।

अनशन पर बैठे छात्रों ने आक्रोशित होकर कहा कि अगर गलती हुई है तो सजा उन्हें मिलनी चाहिए, न कि उनके प्रोफेसर को।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके शिक्षक को बिना किसी सजा के अचानक तबादला किया गया है, जो पूरी तरह से गलत है। छात्रों की मांग है कि इस फैसले को वापस लिया जाए और प्रोफेसर दिव्यानंद देव को हिंदी विभाग में पुनः बहाल किया जाए।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: