

नवगछिया अनुमंडल कार्यालय के सभागार में एसडीओ अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक में सभी सीओ, बीडीओ, थानाध्यक्ष सहित शांतिसमिति के सभी सदस्य शामिल हुए. बैठक के दौरान एसडीओ ने कोविड 19 के मद्देनजर सरकार के गाइड लाइन के नियमों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी रख कर शांति व्यवस्था के बीच दुर्गा पूजा का त्योहार मनाने की अपील की.

इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. बैठक के दौरान एसडीओ ने शांतिसमिति के सदस्यों से दुर्गा पूजा को लेकर की जा रही तैयारी के संदर्भ में जानकारी ली. अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि पूजा के दौरान पूजा से संदर्भित किसी भी कार्यक्रम से चुनाव आचार संहिता एवं भारत निर्वाचन आयोग के किसी भी निर्देश का उल्लंघन ना हो इस का निर्देश दिया.

. एसडीओ ने कहा कि मंदिर में पूजा पंडाल का निर्माण नहीं किया जाएगा, तोरण द्वार स्वागत द्वार नहीं बनाए जाएंगे. जिस स्थान पर मूर्तियां रखी गई है उस स्थान को छोड़कर शेष भाग खुले रहेंगे. सार्वजनिक उद्घोषक प्रणाली का उपयोग नहीं किया जाएगा. पूजा के दौरान किसी प्रकार के मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा. पूजा स्थल के आसपास खाद्य पदार्थ के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे.

विसर्जन जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित तरीके से चिन्हित स्थानों पर ही मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा. विसर्जन विजयादशमी 25 अक्टूबर को ही पूर्ण करा लिया जाएगा. समुदायिक भोज या प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा.

पूजा समिति द्वारा किसी रूप में आमंत्रण पत्र जारी नहीं किया जाएगा. मंदिरों में उद्घाटन के लिए कोई सार्वजनिक समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे. मंदिर में पूजा के दौरान आयोजक द्वारा पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर की व्यवस्था की जानी है. कोविड 19 के संक्रमण को रोकने के संदर्भ में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत मापदंड का पालन करना अनिवार्य होगा.

पूजा के आयोजक, कार्यकर्ता एवं उससे संबंधित अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई शर्तों का पालन करना होगा. किसी भी सार्वजनिक स्थल होटल क्लब आदि पर गरबा, डांडिया, रामलीला आदि का कार्यक्रम आयोजन नहीं किया जाएगा. रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा. सार्वजनिक स्थानों पर फेस मार्क्स का प्रयोग तथा सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित कराया जाना अनिवार्य है. पूजा में सभी आगंतुकों का तापमान जांच किया जाएगा.
