

भागलपुर में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी से शहर के सभी क्षेत्रों में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसे लेकर आज सदर अस्पताल सभागार में सीएस की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

सदर अस्पताल के सीएस ने बताया कि 10 फरवरी से शहरी और ग्रामीण इलाकों में फाइलेरिया की दवा मुफ्त में वितरित की जाएगी। यह दवा राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के तहत दी जा रही है। उन्होंने फाइलेरिया की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसे आमतौर पर हाथी पांव के नाम से जाना जाता है। यह रोग मच्छर के काटने से फैलता है और दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा विकलांगता और शारीरिक विकृति पैदा करने वाली बीमारी है।

सीएस ने बताया कि फाइलेरिया का संक्रमण बचपन में ही हो सकता है, लेकिन इसके लक्षण 5 से 15 साल बाद दिखाई देते हैं। बिहार में रहने वाले करीब 13 करोड़ लोगों को इस बीमारी का खतरा है, इसलिए दवा का सेवन कर इससे बचाव किया जा सकता है।

इस प्रेस वार्ता में सदर अस्पताल के सीएस के अलावा कई अन्य चिकित्सक भी मौजूद थे।