


नवगछिया : विगत सोमवार संध्या 12 फरवरी , 2024 को नवगछिया के गोसाईं गाँव निवासी माधुरी झा संपादक एवं साहित्यकार की माताजी ललिता झा का हृदय गति रुकने के कारण पटना में निधन हो गया. उनकी माताजी बहुत लंबे समय से मधुमेह हेतु इंसुलिन लेती थीं लेकिन तत्काल कोई शारीरिक समस्या नहीं थी. तीनों पुत्री दामाद सहित तत्काल पटना पहुँचीं. एक मात्र पुत्र मनीष झा अमेरिका से सपरिवार पटना आये. अपने बंधु बांधवों के साथ पुत्र मनीष ने मुखाग्नि दी और दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर बुधवार शाम कर दिया गया. श्राद्ध कर्म पटना आवास पर होगा.
बताते चलें कि माधुरी झा का मायका भ्रमरपुर, बिहपुर है. उनके पिता अनिल कुमार झा, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक पत्नी के अचानक परलोक गमन से काफी व्यथित हैं. भ्रमरपुर के ही राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने किसी को ज्यादा सेवा का मौका नहीं दिया.
दामाद विभूति भूषण झा जाने माने संपादक, लेखक और कहानीकार हैं. एक राष्ट्रीयकृत बैंक में क्षेत्रीय प्रबंधक भी हैं.
शोकाकुल अवस्था में उन्होंने बताया कि मात्र सात दिन पहले सासु माता उनके पास बंगाल से पटना खुशी खुशी गयीं थीं. जाने से पहले उन्होंने अपनी पुत्री से कहा था कि मेरे मरने पर मेरी आलमारी के दूसरे दराज में विवाह की बनारसी साड़ी है, पहना कर विदा करना. संस्कार अगर वाराणसी में हो तो अच्छा हो. पुत्री ने हँसते हुए कहा था कि ऐसा क्यों बोलती हो, तुम्हें नयी लाल बनारसी साड़ी में विदा करेंगे. ऐसा किया गया. समाज से आग्रह कि अगर इस प्रकार की इच्छा सगे संबंधियों की है तो जीवित में भी पूर्ण करनी चाहिए.
गोसाइँ गांव और भ्रमरपुर के उनके संबंधियों में शोक है.

