


नवगछिया। शब ए बरात इबादत की रात होती है, इस रात का सभी मुसलमानों को एहतराम करना चाहिए। अपने पुर्वजों के लिए खुदा से मगफेरत की दुआ मांगनी चाहिए। शुक्रवार को खानका ए आलिया फरीदिया मोहब्बतिया के सज्जादानशी हजरत अली कौनैन खॉ फरीदी एवं नायव सज्जादानशी हजरत मौलाना अली शब्बर खॉ फरीदी ने कही।

उन्होंने कहा कि मस्जिदों, खानकाहों, मजार शरीफ और घरों में तिलवते कुरान शरीफ करें साथ ही नफल की नमाज अदा करनी चाहिए। खुदा के रसूल पैगमबर मोहम्मद मुस्तफा सल्लाहो वसल्लम ने शब ए बरात की रात इबादत की रात बताया। यह रात दुआओ के कबूल होने की रात होती है। वही उन्होंने कहा कि शब ए बरात की रात इबादत करने से साल भर का गुनाह माफ कर दिया जाता है। पैगम्बर मुहम्मद मुस्तफा सल्लाहो वसल्लम इस महिने अक्सर रोजा रखा करते थे शब ए बरात 13 फरवरी को मनाई जाएगी।

