April 11, 2024
HELP TO PIYUSH : हम हैं नवगछिया के लाल
उपलब्धिनवगछियाबिहारहिंदी रचनाहिंदी साहित्यManjusha Mishraहम हैं नवगछिया के लालकुछ दिनों से हम हैं बीमार,हो गई हमको कैंसर की बीमारीशोक में हैं मेरा पूरा परिवार। मेरा नाम है पीयूष कुमारदिल्ली में हो रहा मेरा ईलाज,मेरे पिता सुनील कुमारजो पैसे के लिए हैं मोहताज। पैसे के लिए पापा मोहताजकैसे करा सकेंगे मेरा ईलाज,अपनों ने तो फेर लिए मुँह हमसेऔर न हीं सुनती मेरी सरकार। मेरा मन करता मैं जीऊं कुछ सालकराकर अच्छा से ईलाज,लेकिन पैसे नहीं है मेरे पासइसलिए हिम्मत गई है मेरी हार। हम हैं नवगछिया के होनहारघर मेरा नवगछिया शहीद टोला चैती दुर्गा मंदिर के पास,बीमारी से है मेरा बुरा हालदिल्ली में बिन पैसे की चल रही ईलाज । भाईयो करो सहायता मेरीमैं जीऊँगा चुकता कर दूँगा सब तेरी,मुझको मिलकर सभी बचालोनहीं तो हो […]