


नवगछिया घाट ठाकुरबाड़ी में चल रहे 9 दिवसीय रामकथा के चौथे दिन बुधवार को प्रयागराज से आए कथा वाचक स्वामी विनोदानंद सरस्वती ने कहा कि यह दुनिया केवल दिखावा है हमें सावधान रहने की जरूरत है। मन की बात सबको बताना नहीं चाहिए। पाप अपना छुपाना नहीं चाहिए। जो सामान्य रूप से सबका कल्याण करें वही शंकर है। जिस कार्य में अभिमान हो वह परोपकार हो ही नहीं सकता।

किसी के दुर्गुण को ना देखें उसके गुण को देखें। रिक्त को भरने का जो काम करें वही राम है। सिर्फ दुनिया वाले को ही भगवान की जरूरत नहीं पड़ती, भगवान को भी दुनिया वालों की जरूरत पड़ती है। कथा के दौरान उन्होंने सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गई अखियां…. तेरी अखियां है जादू भरी बिहारी में तो कब से खड़ी…. जिधर ले चलोगे उधर मैं चलूंगा जहां नाथ रखोगे वहीं पर रहूंगा आदि भजनों की प्रस्तुति देखकर राम भक्तों को खूब झुमाया.

इस आयोजन मे पंडित चंदन झा के आचार्यत्व में 21 विद्वानों के द्वारा नवाह पारायण संगीतमय प्रातः 8 बजे से दोपहर 1 तक किया जा रहा है। राम कथा के चौथे दिन राम कथा सुनने के लिए काफी भीड़ उमड़ी। इस आयोजन को सफल बनाने मे सचिव शिव जायसवाल, अध्यक्ष दिनेश सरार्फ, उपाध्यक्ष बनवारी पंसारी, कोषाध्यक्ष सरवन केडिया, मीडिया प्रभारी अशोक केडिया, किशन यादुका, संतोष यादुका, संतोष भगत, अनिल चिरानिया, अनिल भगत, विनीत खेमका, कैलाश अग्रवाल, विशाल चिरानिया, जुगनु भगत, दयाराम चौधरी, किशन चिरानियाँ, शंकर चिरानियाँ आदि लगे हुए हैं।
